होली स्पेशल:हज़ारीबाग़ में नशे का नासूर!
गली-गली में मौत का कारोबार, एक पूरी पीढ़ी को बर्बाद करने की साज़िश
नैतिकता गिरवी, अभिभावक बेपरवाह
हज़ारीबाग़: शहर की गलियों में धीरे-धीरे मौत बेची जा रही है। ड्रग्स का काला कारोबार अब खुलेआम चल रहा है और सबसे ज्यादा निशाना बनाए जा रहे हैं मेहनतकश परिवारों के युवा। यह ज़हरीला जाल पूरे हज़ारीबाग़ को अपनी गिरफ़्त में लेता जा रहा है, जिससे एक पूरी पीढ़ी का भविष्य अंधकार में डूबता जा रहा है।
ड्रग माफियाओं का नेटवर्क फैला
सूत्रों की मानें तो इस काले कारोबार के पीछे कुछ बड़े चेहरे भी हो सकते हैं। चंद रुपयों के लालच में कुछ लोग अपनी नैतिकता गिरवी रख चुके हैं और नशे के इस नेटवर्क को रोकने की बजाय इसे बढ़ावा दे रहे हैं। पहले यह ज़हर चोरी-छुपे बिकता था, लेकिन अब हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि यह खुलेआम गली-मोहल्लों में सप्लाई किया जा रहा है।
स्कूल-कॉलेज के बाहर बिक रहा जहर!
सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि स्कूल-कॉलेजों के बाहर, चाय की दुकानों और सुनसान गलियों में यह गोरखधंधा तेजी से पैर पसार रहा है। युवा पीढ़ी न केवल मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर हो रही है, बल्कि अपराध और असामाजिक गतिविधियों की ओर भी बढ़ रही है।
समाज और प्रशासन को उठाने होंगे सख्त कदम
अगर समय रहते इस समस्या को नहीं रोका गया, तो न जाने कितने परिवार बर्बाद हो जाएंगे। पुलिस प्रशासन को अब इस पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी। हर गली-मोहल्ले में सतर्कता बढ़ानी होगी, युवाओं को जागरूक करना होगा और ड्रग्स माफ़ियाओं के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनानी होगी।
हज़ारीबाग़ को इस नशे के दलदल से बचाने के लिए हमें एक साथ खड़ा होना होगा। यह सिर्फ एक शहर की नहीं, बल्कि पूरे समाज की लड़ाई है। अब वक्त आ गया है कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को इस विनाशकारी साज़िश से बचाने के लिए आवाज़ बुलंद करें!