रांची में आदिवासी संगठनों का बंद: सरना स्थल के पास फ्लाईओवर रैंप हटाने की मांग, प्रशासन सख्त
शहर में व्यापार ठप, सड़कों पर जाम, प्रशासन हाई अलर्ट पर
रांची, 22 मार्च: सरना स्थल के पास बन रहे फ्लाईओवर रैंप के विरोध में आदिवासी संगठनों ने शुक्रवार को रांची बंद का आह्वान किया, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। बंद समर्थकों ने प्रमुख चौक-चौराहों पर सड़कें जाम कर दीं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। वहीं, प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया है और उपद्रव करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बंद का असर:
सड़क जाम: लोवाडीह चौक, कांके, अरगोड़ा कटहल मोड़, संत फ्रांसिस रोड, कोकर चौक, पिस्का मोड़, मेन रोड समेत कई स्थानों पर चक्का जाम।
व्यापारिक प्रतिष्ठान: प्रमुख बाजार बंद, हालांकि कई दुकानदारों ने खुद को बंद से अलग रखने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों ने दुकानें बंद कराईं।
शैक्षणिक संस्थान: कुछ स्कूल खुले रहे, लेकिन कई स्कूलों ने परीक्षाएं स्थगित कर दीं।
प्रदर्शनकारियों की मांग:
आंदोलनकारियों का कहना है कि सरना स्थल के पास बन रहा फ्लाईओवर का रैंप उनकी धार्मिक आस्था पर चोट कर रहा है। वे इसे अपनी परंपरा और संस्कृति के लिए खतरा मानते हुए सरकार से मांग कर रहे हैं कि इसे किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
प्रशासन का कड़ा रुख:
बंद के दौरान किसी भी प्रकार की हिंसा या तोड़फोड़ रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं:
संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पूरे शहर में CCTV और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
आपातकालीन सेवाओं को बाधा से मुक्त रखने का आदेश दिया गया है।
बंद को मिला समर्थन:
इस बंद को झारखंड चेंबर, अंजुमन इस्लामिया, रोस्पा टावर दुकानदार संघ, ऑटो रिक्शा चालक संघ, बस चालक-संचालक संघ, मेन रोड दुकानदार संघ और क्रिश्चियन माइनॉरिटी फ्रंट का समर्थन प्राप्त है।
आगे की रणनीति:
बंद समर्थकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
प्रशासन की अपील:
प्रशासन ने शहरवासियों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी कानून तोड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रांची में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।