10 साल में ED ने 193 नेताओं पर दर्ज किए केस, लेकिन सिर्फ 2 को मिली सजा!
संसद में मोदी सरकार ने दिया जवाब
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले 10 वर्षों में 193 नेताओं के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले दर्ज किए, लेकिन इनमें से सिर्फ 2 लोगों को ही सजा हुई। यह जानकारी केंद्र सरकार ने संसद में दी।
ED की कार्रवाई पर सवाल
इस आंकड़े के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने ED की निष्पक्षता और इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि जांच एजेंसी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है और ज्यादातर मामलों में नेताओं को केवल डराने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने बताया कि ED की भूमिका जांच करने की होती है, न कि सजा देने की। जांच पूरी होने के बाद मामला अदालत में जाता है, जहां कानूनी प्रक्रिया के तहत दोषी को सजा दी जाती है।
ED के आंकड़े क्या कहते हैं?
• 10 साल में 193 नेताओं के खिलाफ केस दर्ज
• मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में सिर्फ 25 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
• सिर्फ 2 नेताओं को अब तक सजा
क्या कहते हैं विपक्षी दल?
विपक्ष का आरोप है कि ED का इस्तेमाल केवल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर ED जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
ED की कार्रवाई पर सरकार का बचाव
सरकार का कहना है कि ED स्वतंत्र रूप से काम कर रही है और सभी मामलों की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत हो रही है।
अब क्या होगा?
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्ष ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर बहस की मांग की है। देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा कितना राजनीतिक तूल पकड़ता है।