आंगनबाड़ी सेविकाएं अब स्मार्ट फोन से करेंगी पोषण सेवाओं की निगरानी
रांची व खूंटी जिले में 150 सेविकाओं को मिला प्रशिक्षण
रांची : मुख्यमंत्री झारखंड के नेतृत्व में राज्य में पोषण अभियान के अंतर्गत एक नई पहल की शुरुआत हुई है। इस पहल के तहत आंगनबाड़ी सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं और हेल्थ डेस्क कर्मियों को स्मार्ट फोन का उपयोग कर पोषण सेवाएं देने हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है।
रांची और खूंटी जिले की करीब 150 आंगनबाड़ी सेविकाओं को इस योजना के पहले चरण में शामिल किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
स्मार्ट फोन से मिलेगी रियल टाइम मॉनिटरिंग की सुविधा
आंगनबाड़ी सेविकाएं अब पोषण ट्रैकर ऐप और स्मार्ट समर ऐप के माध्यम से गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, 0 से 6 वर्ष तक के बच्चे और किशोरी बालिकाओं को कुपोषण मुक्त करने से संबंधित सेवाएं डिजिटल रूप से दर्ज करेंगी।
महिला पर्यवेक्षिकाएं भी ऐप के माध्यम से सेवाओं की निगरानी करेंगी, जिससे व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी होगी।
Digital SAMAR App का होगा उपयोग
झारखंड राज्य पोषण मिशन, समाज कल्याण निदेशालय, JSLPS और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से Digital SAMAR App विकसित किया गया है। इसके माध्यम से सभी गंभीर कुपोषित (SAM) और मध्यम कुपोषित (MAM) बच्चों का पंजीकरण संभव होगा। साथ ही अन्य सेवाओं से जुड़े आंकड़ों का भी डिजिटलाइजेशन हो सकेगा।
स्मार्ट झारखंड की ओर एक कदम
स्मार्ट फोन के उपयोग से अब झारखंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला पर्यवेक्षिकाएं अधिक प्रभावशाली तरीके से सेवाएं प्रदान कर सकेंगी। इससे राज्य में पोषण स्तर में सुधार होगा और झारखंड को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में मजबूती मिलेगी।
सरकार का यह प्रयास झारखंड के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पोषण के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।