द जोहार टाइम्स
रांची: कांके इलाके के अनिल टाइगर, जो जिला परिषद के पूर्व सदस्य और राजनीति में सक्रिय नेता थे, की 26 मार्च 2025 को कांके चौक के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, और पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है।
अनिल टाइगर ने ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में सक्रिय राजनीति की थी। उनकी लोकप्रियता और क्षेत्र में प्रभाव के चलते यह हमला राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है, हालांकि अभी तक इसके पीछे का सही मकसद और अपराधियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है।
हत्या के पीछे क्या वजह?
अनिल टाइगर राजनीति में भी प्रभावशाली माने जाते थे। उनकी हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, आपसी विवाद या राजनीतिक दुश्मनी होने की आशंका जताई जा रही है।
इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात
इस घटना के बाद कांके और आसपास के इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, और अपराधियों को जल्द पकड़ने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
अनिल टाइगर की हत्या से उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों में गुस्सा और आक्रोश है। वे इस घटना की सही जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।रांची गोलीकांड ने एक बार फिर से शहर में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के नतीजे आने तक, इस हत्याकांड के पीछे के असली कारणों पर अटकलें जारी रहेंगी।