सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा पर बड़ी मुठभेड़, 16 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता
सुकमा/दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। सुकमा-दंतेवाड़ा सीमा पर उपमपल्ली केरलापाल इलाके के जंगलों में आज तड़के सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए, जबकि सुरक्षा बलों के दो जवानों को मामूली चोटें आई हैं।
कैसे हुआ ऑपरेशन?
सुरक्षाबलों को गुप्त सूचना मिली थी कि उपमपल्ली केरलापाल इलाके के जंगलों में भारी संख्या में नक्सली मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही जवान जंगल में आगे बढ़े, नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई।
16 नक्सली ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामद
लगभग दो घंटे तक चली इस मुठभेड़ में 16 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। सुरक्षाबलों ने मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है, जिसमें AK-47, इंसास और एसएलआर जैसे आधुनिक हथियार शामिल हैं।
सुरक्षा बलों के जवान घायल, स्थिति नियंत्रण में
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों के दो जवानों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद सुरक्षित घोषित किया गया है। जवानों की बहादुरी और रणनीतिक ऑपरेशन के चलते सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है।
पुलिस और प्रशासन ने क्या कहा?
सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने इस मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। संभावना है कि कुछ और नक्सली घायल हुए हैं या भागने में सफल रहे हैं। इसलिए इलाके में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
नक्सलियों के लिए बड़ा झटका
यह मुठभेड़ नक्सलियों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है। हाल के दिनों में सुकमा और दंतेवाड़ा के जंगलों में नक्सली गतिविधियां बढ़ रही थीं। लेकिन इस ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ा है और स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
इलाके में बढ़ाई गई चौकसी
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में गश्त तेज कर दी है और नागरिकों से अपील की है कि अगर वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखें तो तुरंत सूचना दें।
सुरक्षा बलों की बड़ी जीत
छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन के खिलाफ चल रहे अभियान में यह मुठभेड़ सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इससे पहले भी कई बार सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ सफल अभियान चलाए हैं, लेकिन 16 नक्सलियों का मारा जाना एक बड़ी जीत है।