द जोहार टाइम्स
रांची: एक चौंकाने वाली ठगी की घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति साधु बनकर एक परिवार के पास पहुंचा और खुद को उनका 15 साल पहले खोया हुआ बेटा बताकर 4.10 लाख रुपये की ठगी कर फरार हो गया। हालांकि, कुछ महीनों बाद पुलिस ने उसे हजारीबाग से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार ठग की पहचान मोहम्मद रशीद योगी के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के टिकरिया गांव का निवासी है। उसके खिलाफ रामनगर डोमटोली निवासी अनिल राम ने लोअर बाजार थाना में 28 मार्च को प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इस तरह दिया घटना को अंजाम
दर्ज शिकायत के अनुसार, 1 जुलाई 2024 को एक व्यक्ति साधु के वेश में अनिल राम के घर पहुंचा और खुद को उनका 15 साल पहले लापता हुआ बेटा छोटू कुमार बताया। उसने परिवार और गांव से जुड़ी इतनी सटीक जानकारी दी कि परिवार भावुक होकर उसे पहचान बैठा।
उसने कहा कि वह अब साधु बन चुका है, लेकिन घर लौटने के लिए गोरखपुर में भंडारा, वस्त्र और पीतल दान करना जरूरी है। ऐसा करने से ही वह साधु का भेष त्यागेगा और घर लौटकर पारिवारिक जीवन जिएगा।
परिवार ने आपसी चर्चा के बाद उसे 2 लाख रुपये नकद दे दिए। तीन दिन बाद उसने फिर परिवार से संपर्क किया और कहा कि उसके गुरु ने उसे एक सप्ताह का समय दिया है, वरना 14 साल की सजा मिलेगी। इस डर से परिवार ने दोबारा 2 लाख रुपये नकद दे दिए।
इसके बाद, 13 जुलाई 2024 को उसने गुरु दक्षिणा के नाम पर 10 हजार रुपये और ऑनलाइन मंगवाए। पैसे लेने के बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और संपर्क पूरी तरह खत्म हो गया।
यू-ट्यूब वीडियो से हुआ खुलासा
जब महीनों तक कोई संपर्क नहीं हुआ, तो अनिल राम ने ठग को यू-ट्यूब पर खोजना शुरू किया। 20 मार्च 2025 को हजारीबाग के चौपारण (पपरो) गांव में एक लाइव वीडियो में वह नजर आया, जहां भी वह लोगों को ठग रहा था।
मीडिया और पुलिस की मदद से उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने अब तक कुल 4.10 लाख रुपये की ठगी की है। फिलहाल, पुलिस उससे आगे की पूछताछ कर रही है और यह जांच कर रही है कि कहीं उसने इसी तरह और लोगों को तो नहीं ठगा।